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Less poisonous in alcohol: वाइन, बीयर या व्हिस्की- किसमें है सबसे कम ज़हर? यहां पढ़ें बेहद इंटरेस्टिंग और चौंकाने वाले फैक्ट्स!

Less poisonous in alcohol: वाइन, बीयर या व्हिस्की- किसमें है सबसे कम ज़हर? यहां पढ़ें बेहद इंटरेस्टिंग और चौंकाने वाले फैक्ट्स!

Less poisonous in alcohol

Less poisonous in alcohol: “शराब सेहत के लिए हानिकारक है” – यह बड़ी चेतावनी लगभग हर शराब के बोतल पर छपी होती है लेकिन फिर भी भारत समेत विश्वभर में करोड़ों लोग इसका सेवन खूब करते हैं।

चाहे पार्टी हो या तनाव, कोई बड़ा प्रोग्राम हो या दुःख लगभग हर माहौल में शराब अक्सर मौजूद होती है। आजकल के युवा भी इसे ट्रेंडिंग फैशन के तौर पर देखते हैं इसलिए इसके नशे में फंसने लगे हैं। वैसे तो ये बात सभी जानते हैं की शराब पीना किसी की सेहत के लिए सही नहीं है लेकिन अब जब इसकी लत में आप फंस ही चुके हैं तो ये जान लेना आपके लिए अतिआवश्यक है कि कौन सी शराब आपकी सेहत के लिए कम नुकसानदायक है।

अगर आप या आपके जानने वालों में कोई भी नशे में लिपटा हुआ है तो उसे इस लेख के आधार पर दी गयी जानकारी ज़रूर साझा करें। इस लेख में हम आपको रिसर्च और वैज्ञानिक तथ्यों के आधार पर बताएँगे कि शराब की इन आम किस्मों में से सेहत के लिहाज से सबसे ‘कम नुकसानदायक’ कौन है – बियर, वाइन, वोडका या फिर व्हिस्की ?

शराब का स्वास्थ्य पर असर

शराब का मूल घटक (principal components) है इथेनॉल (Ethyl Alcohol)। जब कोई व्यक्ति शराब का सेवन करता है तो यह यकृत (Liver) में जाकर एसीटाल्डीहाइड में परिवर्तित हो जाता है जो एक विषैली रासायनिक (toxic chemical) पदार्थ है। इसका बार-बार सेवन करने से ये शरीर के लगभग हर अंग पर प्रभाव डालता है जैसे लीवर, दिल, मस्तिष्क और यहां तक कि प्रतिरक्षा प्रणाली पर भी।

हालांकि, अलग-अलग प्रकार की शराब में सिर्फ इथेनॉल की मात्रा ही नहीं बल्कि उसके साथ मिलने वाले अन्य तत्व (जैसे चीनी, टैनिन, कृत्रिम स्वाद आदि) भी शरीर पर अलग तरह से बुरा प्रभाव डालते हैं।

1. बियर

– एल्कोहल कंटेंट: लगभग 4-6%

– सर्विंग साइज: लगभग 330ml (1 कैन)

कुछ सकारात्मक चीज़ें:

– बियर में कुछ मात्रा में विटामिन B, एंटीऑक्सीडेंट और फाइबर मौजूद होते हैं।

– यह काफी हल्की होती है इसलिए लोग इसे बहुत कम मात्रा में पीते हैं।

नकारात्मक चीज़ें:

– बियर में कार्ब्स और कैलोरी ज्यादा मात्रा में होते हैं जिस कारण बेली फैट बढ़ जाता है।

– बियर का ज्यादा मात्रा में सेवन करने पर यह लीवर पर वैसा ही प्रभाव डालता है जैसा अन्य शराब।

ध्यान देने योग्य: यदि बियर का सीमित मात्रा में सेवं किया जाए तो यह अपेक्षाकृत कम हानिकारक हो सकती है। लेकिन मोटापे का बड़ा कारण बन सकती है।

2. रेड वाइन

– एल्कोहल कंटेंट: लगभग 12-15%

– सर्विंग साइज: लगभग 150ml (1 ग्लास)

कुछ सकारात्मक चीज़ें:

– रेड वाइन में रेसवेराट्रॉल (Resveratrol) होता है, जो एक बेहद प्रभावशाली एंटीऑक्सीडेंट है।

– यह हृदय स्वास्थ्य में मदगार होता है।

– कुछ अध्ययन के मुताबिक, रेड वाइन को ‘हेल्दी हार्ट ड्रिंक’ भी बताया है।

नकारात्मक चीज़ें:

– इसके ज्यादा सेवन करने पर वही नशा और लीवर की गंभीर दिक्कतें पैदा कर सकता है।

– चीनी की मात्रा मधुमेह रोगियों के लिए बेहद घातक हो सकती है।

ध्यान देने योग्य: यदि रेड वाइन बहुत ही कम मात्रा में और भोजन के साथ ली जाए तो रेड वाइन सबसे कम नुकसानदायक मानी जा सकती है।

3. व्हिस्की

– एल्कोहल कंटेंट: लगभग 40-50%

– सर्विंग साइज: लगभग 30ml (1 पैग)

कुछ सकारात्मक चीज़ें:

– व्हिस्की में कार्ब्स न के बराबर होते हैं जिससे शुगर स्पाइक कम होता है।

– कुछ अध्ययन के मुताबिक, यह सर्दियों में शरीर को गर्म रखती है।

नकारात्मक चीज़ें:

– व्हिस्की में हाई प्रूफ एल्कोहल लिवर और ब्रेन पर गंभीर रूप से प्रभाव डालता है।

– नशे की संभावना अत्यधिक होती है, जिससे व्यक्ति अपना नियंत्रण खो देता है।

– व्हिस्की का लंबे समय तक सेवन करने से लीवर सिरोसिस, हाई बीपी और मेमोरी लॉस की समस्याएं हो सकती हैं।

ध्यान देने योग्य: व्हिस्की का सेवन अगर ‘मॉडरेशन’ में न हो तो यह आपकी सेहत के लिए सबसे ज्यादा खतरनाक साबित हो सकती है।

4. वोडका

– एल्कोहल कंटेंट: लगभग 35-45%

– सर्विंग साइज: लगभग 30ml

कुछ सकारात्मक चीज़ें:

– वोडका में कोई स्वाद, चीनी या कार्ब्स मौजूद नहीं होते यानी ये एक तरह से ‘क्लीन’ एल्कोहल मानी जाती है।

– इसमें कसी भी प्रकार की ऐलर्जी या डाइजेशन की दिक्क्तें कम होती हैं।

– इसका इस्तेमाल कुछ हर्बल दवाओं में भी किया जाता है।

नकारात्मक चीज़ें:

– हाई एल्कोहल कंटेंट के कारण ये शरीर पर तेजी से प्रभाव डालती है।

– लंबे समय तक इसके सेवन से आपका मस्तिष्क और यकृत पर गंभीर प्रभाव पड़ सकता है।

ध्यान देने योग्य: यदि वोडका बिना मिक्सर या मीठे ड्रिंक्स के साथ सेवन किया जाए तो ये कम कैलोरी और एलर्जी-फ्री मानी जा सकती है।

रिसर्च क्या कहता है?

– साल 2015 Harvard School of Public Health की रिपोर्ट के मुताबिक, “मॉडरेट मात्रा में रेड वाइन का सेवन, विशेषकर खाने के साथ, हृदय स्वास्थ्य में मददगार साबित हो सकता है।”

– World Health Organization (WHO) के मुताबिक, “कोई भी शराब पूर्ण रूप से सुरक्षित नहीं हो सकती। सेवन का कोई न्यूनतम स्तर तय नहीं किया जा सकता जो पूरी तरह से रिस्क फ्री हो।”

– American Heart Association के मुताबिक, “अगर आप शराब बिलकुल नहीं पीते हैं, तो सिर्फ ये स्वास्थ्य के लिए शुरू करने की कोई भी सलाह नहीं दी जाती।”

भारत में शराब का तेज़ी से बढ़ता चलन

साल 2023 में WHO की एक रिपोर्ट के मुताबिक, भारत में हर साल लगभग 6.5 लीटर प्रति व्यक्ति एल्कोहल की खपत होती है। सबसे अधिक खपत देशी शराब (Desi liquor) की होती है, जो बिना गुणवत्ता नियंत्रण के बनाकर तैयार की जाती है। महानगरों में वोडका और व्हिस्की की लोकप्रियता बहुत ज्यादा है। रिपोर्ट में ये भी साफ तौर से बताया गया है कि हर साल लगभग 3 लाख मौतें शराब के कारण ही होती हैं जिसमें सिरोसिस, कोई सड़क दुर्घटनाएं, आत्महत्या आदि शामिल हैं।

स्वास्थ्य के लिए कम बुरा विकल्प ?

रिसर्च और स्वास्थ्य दृष्टिकोण से अगर कोई कभी-कभार शराब का सेवन करता है तो सबसे बेहतर विकल्प-

– Red Wine: रेड वाइन में एंटीऑक्सीडेंट मौजूद होता है। यदि इसका सेवन मॉडरेशन में करें तो ये सेहत के लिए बेहतर हो सकता है और साथ ही ये हृदय स्वास्थ्य में मदगार होता है। लेकिन इसमें शुगर मिला होता है जो कि मधुमेह जैसी बीमारी का खतरा बन सकता है।

– Beer: बियर एक हल्की शराब होती है जिसमें फाइबर मौजूद होता है लेकिंन इसमें कैलोरी ज्यादा होता है जिससे मोटापा तेजी से बढ़ता है।

– Vodka: वोडका में लो कैलोरी शामिल होता है लेकिन ये शरीर पर तेज असर करता है लेकिन कम नुकसानदायक होता है।

– Whiskey: व्हिस्की में ना के बराबर शुगर होता है जो कि स्ट्रॉन्ग एल्कोहल के रूप में जाना जाता है। ये सेहत के लिए सबसे अधिक नुकसानदायक होता है।

शराब के लिए अन्य बेहतर विकल्प क्या है?

रेड ग्रेप जूस (Red Grape Products) – रेड वाइन जैसा ही दिखने वाला और स्वाद में रेसवेराट्रॉल मिलता है, वो भी बिना एल्कोहल के।

फरमेंटेड ड्रिंक्स (Fermented Drinks) – कांबुचा या छाछ बाज़ारों में उपलब्ध है जो पेट के लिए भी बेहद फायदेमंद होते हैं।

ग्रीन टी या हर्बल ड्रिंक्स (Green tea OR herbal drinks) – एंटीऑक्सीडेंट्स से भरपूर, हृदय स्वास्थ्य के लिए मददगार।

शराब में कोई सुरक्षित नहीं

शराब का कोई भी रूप पूर्ण रूप से तरह से सुरक्षित नहीं होता। लेकिन अगर कोई व्यक्ति सीमित मात्रा में, सही तरीके से और समझदारी से विकल्प का चयन करता है तो वह व्यक्ति को कुछ हद तक अपने स्वास्थ्य को बचा सकता है। वैज्ञानिक रूप से रेड वाइन को अबतक सबसे कम हानिकारक बताया जाता है, लेकिन उसकी भी एक सीमा है। अगर आप अपने स्वास्थ्य को प्राथमिकता देते हैं, तो शराब से दूरी बनाना ही सबसे समझदारी और बेहतर उपाय है। वरना, ज़हर चुनना ही है तो कम ज़हरीला चुने वो भी – समझदारी के साथ!

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