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Vinayak chaturthi 2025: आज है ज्येष्ठ विनायक चतुर्थी, इस विधि से करें पूजा, जानें भोग मंत्र और महत्व

Vinayak chaturthi 2025: आज है ज्येष्ठ विनायक चतुर्थी, इस विधि से करें पूजा, जानें भोग मंत्र और महत्व

Vinayak chaturthi 2025

र्म डेस्क, नई दिल्ली। आज ज्येष्ठ महीने के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि मनाई जा रही है, जिसे विनायक चतुर्थी के नाम से भी जाना जाता है। हिंदू धर्म में इस दिन का बहुत ज्यादा महत्व है।

यह दिन भगवान गणेश की पूजा के लिए समर्पित है। कहते हैं कि इस मौके (Vinayak chaturthi 2025) पर विघ्नहर्ता की पूजा करने से बुद्धि, समृद्धि तथा सौभाग्य का वरदान मिलता है।

Vinayak chaturthi 2025

इसके साथ ही सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं और जीवन के कष्ट दूर होते हैं, तो आइए इस आर्टिकल में इस दिन से जुड़ी प्रमुख बातों को जानते हैं, जो इस प्रकार हैं।

Vinayak chaturthi 2025

Img Caption – Freepic

ज्येष्ठ विनायक चतुर्थी शुभ मुहूर्त (Vinayak chaturthi 2025 Shubh Muhurat)

हिंदू पंचांग के अनुसार, अभिजीत मुहूर्त सुबह 11 बजकर 51 मिनट से दोपहर 12 बजकर 46 मिनट तक रहेगा। इस दौरान आप किसी भी तरह का शुभ काम कर सकते हैं।

वहीं, इस तिथि चंद्रोदय सुबह 8 बजकर 6 मिनट पर हो चुका है। ऐसे में शाम के समय पूजा के बाद आप चंद्रमा को अर्घ्य जरूर दें। तभी यह उपवास पूरा माना जाता है।

ज्येष्ठ विनायक चतुर्थी पूजा विधि (Vinayak chaturthi 2025 Puja Vidhi)

  • सुबह जल्दी उठें और स्नान करें।
  • पीले रंग के कपड़े पहनें।
  • भगवान गणेश की प्रतिमा स्थापित करें।
  • हाथ में जल और फूल, अक्षत लेकर व्रत का संकल्प लें।
  • पंचामृत से गणेश जी का अभिषेक करें।
  • उन्हें नए वस्त्र और आभूषण पहनाएं।
  • चंदन व सिंदूर से गणेश जी को तिलक लगाएं।
  • गणेश जी को लाल पुष्प, विशेष रूप से गुड़हल के फूल और 21 दूर्वा जरूर चढ़ाएं।
  • शुद्ध घी का दीपक जलाएं।
  • भोग के रूप में मोदक या लड्डू अर्पित करें।
  • विनायक चतुर्थी कथा का पाठ करें या सुनें।
  • अंत में आरती करें।
  • तामसिक चीजों से परहेज करें।

भगवान गणेश पूजा मंत्र (Vinayak chaturthi 2025 Puja Mantra)

  • ॐ गं गणपतये नमः।।
  • वक्रतुंड महाकाय सूर्यकोटि समप्रभ। निर्विघ्नं कुरु मे देव सर्वकार्येषु सर्वदा।।

ज्येष्ठ विनायक चतुर्थी का महत्व (Vinayak chaturthi 2025 Significance)

विनायक चतुर्थी का व्रत करने से भगवान गणेश खुश होते हैं। इस व्रत के प्रभाव से जीवन की सभी बाधाएं दूर होती हैं और कार्यों में सफलता मिलती है। इसके साथ ही घर में सुख, समृद्धि और शांति का वास होता है। ऐसे में इस दिन भगवान गणेश की पूजा जरूर करें, क्योंकि यह दिन उनकी कृपा पाने के लिए विशेष माना जाता है।

अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया अंधविश्वास के खिलाफ है।

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